श्रमिक!
श्रमिक दिवस की अनन्त शुभकामनाएं!कुण्डलिया छंद पर आधारित रचना!अविचल राही मार्ग का, चलता कंटक भूल|संभल-संभल चल श्रमिक, पथपर पत्थर-धूल ||पथपर पत्थर-धूल, कोहरा जग में छाया |निर्माता के हाथ, ठीकरा खाली आया...
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