रोला...
बूढ़ा बरगद देख, भूख के आगे हारा मन में जिन्दा आस, नहीं जब कोई चारावृद्ध पिता का आज, कौन हैं तारण हारा?खाली गुल्लक पास, वक़्त का हैं वो मारा।सरवर पंकज स्थान, खिले है सकल कमलदल।जीवन मधुबन जान, जियो त...
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