GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp Store Sign Up!Login modify रोला... बूढ़ा बरगद देख, भूख के आगे हारा मन में जिन्दा आस, नहीं जब कोई चारावृद्ध पिता का आज, कौन हैं तारण हारा?खाली गुल्लक पास, वक़्त का हैं वो मारा।सरवर पंकज स्थान, खिले है सकल कमलदल।जीवन मधुबन जान, जियो त... Label Directed by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े द्वारा कुसुम सुराणा The Critic’s Corner What people are talking about this टिप्पणी लिखें