ख्वाबों की महफिल
ख्वाबों की महफिल है जीने का रास्ता चलते है ये भी आहिस्ता-आहिस्ता कभी भोर में कभी रात में कभी-कभी बिन मौसम बरसात में हो जाते है गुमसुम जब अपनी ही बात में छोड़ देते हैं सबको डूब...
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