GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyमाँ जगदम्बा!चैत्र मास वासंतिक आया , शुभारम्भ है खास।तेजस स्वरूप माँ जगदम्बा, जागी मन में आस।।खल संहारक मात भवानी, देना निर्भय दान।भारत भू का हर बाशिंदा, पाएं जग में मान।।स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम अशोक सुराणा, मुंबई...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें