GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp Store Sign Up!Login modify फासलें! बैठे हैं साथ-साथ, फासलें बहुत हैं !जिंदगी के तन्हा गलियारे में, अँधियारे बहुत हैं! नीला-नीला गगन, परिंदे खामोश हैं!सपनों का घरौंदा, वीरान बहुत हैं!अधर सिले-सिले, गिले-शिकवे बहुत हैं !दीवारो... Label Directed by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करें पढ़े द्वारा कुसुम सुराणा The Critic’s Corner What people are talking about this टिप्पणी लिखें