फासलें!
बैठे हैं साथ-साथ, फासलें बहुत हैं !जिंदगी के तन्हा गलियारे में, अँधियारे बहुत हैं! नीला-नीला गगन, परिंदे खामोश हैं!सपनों का घरौंदा, वीरान बहुत हैं!अधर सिले-सिले, गिले-शिकवे बहुत हैं !दीवारो...
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