GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदो हंसों का जोड़ा.... "दो हंसों का जोड़ा, बिछड़ गयो रे, गज़ब भयो रामा... गज़ब भयो रे!" गाने के बोल सुन माँ को सांत्वना देने की बजाय मेरी आंखों से भी गंगा-जमुना बहने लगी। आधी सदी से ज्यादा का सफ़र साथ तय करने के बाद हमसफ़...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें