GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyये प्यार ही तो ज़िन्दगी.... भाग १०भाग १०फोन की रिंग टोन सुनते ही वैदेही दौड़ी चली आई! सुबह के दस बज चुके थे... स्क्रीन पर यश का नाम देखते ही उसने झट से फ़ोन उठाया। "हेलो... कौन यश? तभी सामने से एक शरारती हँसी के साथ आवाज़ आई.. "क्या यार...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें