हिचकियाँ!
शीर्षक : हिचकियाँ! हिचकियाँ याद दिलाती रही, यादों के झरोखों से मैं झांकती रही! पत्तों की सरसराहट में छुपी तेरी आहट! बादलों की गड़गड़ाहट सी डांट-डपट! परिंदे की फड़फड़ाहट में ...
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