नारी शक्ति--- सरसी छन्द में
नारी शक्ति ईश स्वरूपा, रखती सबसे प्रीत। प्रताड़िता भी जग में होती, अधरों रखती जीत।। जोगीरासमता, ममता, सहनशीलता, जन्मों से है साथ। कंधे से कंधा लग चलती, साथ चले वो पाथ।। जोगीरानौ रूपों का रूप...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े