नारी....
शीर्षक: नारी! सृष्टि की तू अनुपम रचना, सुन्दर मन की तू अर्चना, जीवनदायिनी तू गंगा-जमुना , पूनम की तू उजली रैना ||१|| धरती सी क्षमाशील तू, अम्बर सी विशाल- ह्रदय तू ...
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