इश्क़ का तिलिस्म
इश्क़ का तिलिस्म, क्या रंग लाता है, दिल को हर घड़ी ये समझाता है। न कोई राह, न कोई मंज़िल का पता, फिर भी दिल हर लम्हा बहलाता है। आँखों में ख्वाब, होठों पर दुआ, जैसे चाँदन...
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