उड़ान...
ख़्वाबों के गुब्बारों में,हौसलों से जान भर, आसमान छूना है! सपनों के मचान चढ़,बाज सी उड़ान भर,शिखरों को पाना हैं! अधूरे ख्वाबों की सेज,ख्वाइशों के गुलाब से,फिर महकानी है! जिं...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े