ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग 3
भाग ३सुबह-सुबह ही मानों वैदेही को लॉटरी लग गई थी! डॉ साहिबा ने आते ही वैदेही से हाथ मिलाते हुए पूछ लिया, " वैदेही! मग कधी जायच घरी? " वैदेही मुस्कुराई...उसे लगा..वो मज़ाक कर रही है... वह पीठ थपथपा कर आ...
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