नारी देवी का रूप है
ममता की शीतल छाया , करुणा की मीठी धूप है इस जग की जननी नारी , नारी देवी का रुप है इस जग की जननी नारी , नारी देवी का रुप है खुशियों को वो सदा बांटती खुद गम के आंसू पीती नारी वह जो खुद की नहीं और...
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