ज़िन्दगी!
ज़िन्दगी!ज़िन्दगी! तेरी हर अदा पें प्यार आया,रोते-रोते मुस्कुराने का हुनर सीखलाया।गमों की बारिश में तर-बतर मन भाया,गंगा नहाने का पुण्य मेरे हिस्से आया।।किसे फुरसत है आँसू बहाने की?गैरों के खातिर वक़्त बर...
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