GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyनारी, प्रभु प्रतिरूप नारी, प्रभु प्रतिरूप..नारी प्रभु रचना, प्रतिरूप विधाता। नारी, बिटिया, भगिनी, भार्या, माता।।नारी शक्ति रूप, जीवन दात्री जननी।नारी नारायणी, सुजाता, सुहासिनी।।अंतरिक्ष से सागर तल तक डग भरती।देखती सप...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें