GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify सखी... शीर्षक : सखी! खाली-खाली है प्यारी सखी, तेरे बिना दिल का कोना! रंग-बिरंगी फूलों से सजा-धजा, यादों का मखमली दोना! बाहों में बाहें डाले बीती, हंसी-ठिठोली से महकती र...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें