सखी...
शीर्षक : सखी! खाली-खाली है प्यारी सखी, तेरे बिना दिल का कोना! रंग-बिरंगी फूलों से सजा-धजा, यादों का मखमली दोना! बाहों में बाहें डाले बीती, हंसी-ठिठोली से महकती र...
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