सपनों की उड़ान
भोर की किरणों संग वह चली, एक नई आशा, एक नई खुशी। शंकाओं के बादल, आंधियों के बीच, सपनों की उड़ान, ऊँचाइयों को खींच। न बंधन रोकें, न जंजीर थामे, उसकी हिम्मत, उसकी ठानें। हर क़दम पर, हर राह पर, ...
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