GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyघनाक्षरीदुम क्यों दबाते हो।शक्ति को पहचानिए,खूब कौशल पाइए,दुम क्यों यूँ दबाते हो,साहस घूंट पीजिए।।पीछे पीछे आये कोई, शरारती आतताई,डटकर हो धुलाई,मजा आप लीजिए।।तंग करे राह चले,देख आप हो अकेले,जमकर हो पिटाई...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें