GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyये प्यार ही तो ज़िन्दगी...भाग ३९भाग ३९पूनम की चांदनी में रजनी नहा रही हो, आसमान में तारे छुपा-छुपी खेल रहे हो, कुछ ग्रह-नक्षत्र चुपके-चुपके निशा को निहार रहे हो, खुशनुमा बयार नागिन सी बलखाती लटों को छेड़ रही हो और चंचल मन का गुल्लक ख...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें