ये प्यार ही तो ज़िन्दगी...भाग ३९
भाग ३९पूनम की चांदनी में रजनी नहा रही हो, आसमान में तारे छुपा-छुपी खेल रहे हो, कुछ ग्रह-नक्षत्र चुपके-चुपके निशा को निहार रहे हो, खुशनुमा बयार नागिन सी बलखाती लटों को छेड़ रही हो और चंचल मन का गुल्लक ख...
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