GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyभूषण छन्द : भूषण छन्द:बिरयानी का स्वाद गजब, है 'मुनीर' कपटी अजगर।दे दो 'नोबल' यह मक़सद, नाम खुदा का अब ले कर।रहता चंदन वृक्ष लिपट, विषधर करता बुरे करम।महाशक्ति का रहम-करम, भड़का शोले, न्योते यम।आतंकी-जेहादी अ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें