भूषण छन्द :
भूषण छन्द:बिरयानी का स्वाद गजब, है 'मुनीर' कपटी अजगर।दे दो 'नोबल' यह मक़सद, नाम खुदा का अब ले कर।रहता चंदन वृक्ष लिपट, विषधर करता बुरे  करम।महाशक्ति का रहम-करम, भड़का शोले, न्योते यम।आतंकी-जेहादी अ...
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