दोहावली
दोहावली1)कहना सहज सरल बड़ा, करना मुश्किल जान।शिखर पास दिखता मगर, चढते लगे थकान।।2)धर त्रिशूल सबला बनो, दो पापी को दंड।देवी दुर्गा रूप हो, तोड़ो सब पाखंड।।3)डंसता मनुज भुजंग सा, डंक लोभ विद्वेष।धारे रू...
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