GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyदोहावलीदोहावली1)कहना सहज सरल बड़ा, करना मुश्किल जान।शिखर पास दिखता मगर, चढते लगे थकान।।2)धर त्रिशूल सबला बनो, दो पापी को दंड।देवी दुर्गा रूप हो, तोड़ो सब पाखंड।।3)डंसता मनुज भुजंग सा, डंक लोभ विद्वेष।धारे रू...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें