GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyचौपाई... हनुमत!अंजनेय सुत अति बलशाली।रूद्र रूप धर कर रखवाली।।पिता केसरी वानर राजा।राम भक्त हे हनुमत आ जा।।१।।कृपा दृष्टि प्रभु की अति भारी।दीन-दुखी की पीड़ा हारी।।राम नाम का जाप जपे नित।पावे सेवा कर के समकित।।२।।मात ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें