चौपाई... हनुमत!
अंजनेय सुत अति बलशाली।रूद्र रूप धर कर रखवाली।।पिता केसरी वानर राजा।राम भक्त हे हनुमत आ जा।।१।।कृपा दृष्टि प्रभु की अति भारी।दीन-दुखी की पीड़ा हारी।।राम नाम का जाप जपे नित।पावे सेवा कर के समकित।।२।।मात ...
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