GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyजल से जीवन जल से जीवनपानी का संचय करे, जीवन दे जल धार।बूंद-बूंद हैं कीमती, भरा रहे भंडार।।झर झर झरने हैं झरे, करते मधुरिम शोर।कलकल जल धारा बहे, हरियाला हो छोर।।गंगा यमुना जल सदा, पावन, निर्मल जान।कूडा हम फेंके न...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा चंचल जैनThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें