GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyकुंवर!भंवर की चमकती आँखों में देखकर मांगी लाज से पानी-पानी हो गई! दूध से भरा नक्काशीदार गिलास भंवर को थमा कर वह द्वार की तरफ चल पड़ी! ताजे गोबर से दीवार-आँगन लिप-पोत कर रंगोली, माण्डना से घर को सजाना था उसे!...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें