द्विगुणित सुन्दर छन्द
नमन माँ शारदे!द्विगुणित सुंदर छंद:12 12: पदान्त: गुरु गुरुगीत :गढ़ा लक्ष्य पर आँखें, स्वप्न सींच पाऊँगी।जीवट के बलबूते, जीत खींच लाऊंगी।।आभूषण के जैसी, मूल्यवान तू भारी।नित प्रयास जब होंगे, विद्यार्थी ...
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