ये प्यार ही तो ज़िन्दगी... भाग ५४
भाग ५४हवाई अड्डे पर विमान अपने निर्धारित समय पर पहुँच चूका था। सभी ने अपना सामान लिया और निकल पड़े अपनी कर्म भूमि की ऒर! पूर्णिमा की चांदनी कल ही अपना जलवा बिखेर चुकी थी। आज चन्द्रमा कुछ मद्दीम था मानो...
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