रिश्ते!
रिश्ते, जो लब्जो में बयाँ होते हैं ,दिल के आसपास कहीं होते हैं,जरासी आँच से पिघलते हैं,बर्फसे नीर बन फिसलते हैं,कोहरे से धरा पें छाते हैं,नई-नवेली किरणों को निगलते हैं,दिल में शूल से चुभते हैं|रिश्ते ...
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