दोहे...
कठिन डगर हैं प्रेम की, काँटों की हैं राह| मधुर मिलन की चाह हैं, भूल जगत का दाह|| कठिन सदा हैं जीतना, चोटी पर स्थिर वास, हार-जीत में झूलते, अविचल रखना आस! मोर-मोरनी बाग में, नाचे जग को भूल | ...
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