GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodify दिल ही तो है..घने अंधेरों में छू-मंतर हुए रिश्ते अजीब से, दिल ही तो है, जानता दुनियादारी करीब से! कृष्ण पक्ष का चाँद शर्मिंदा नहीं अपने जुमलों पर फ़ितरत हैं साये की कालिख पोतना उजालों पर ! दिल ही...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें