GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyबोझ तुम्हारी यादों का : हरवंश हृदय झुकी झुकी सी पलकों पर है बोझ तुम्हारी यादों काझूठी रह गई कसमों का … रह गए अधूरे वादों काअब तो संभल गया हूं लेकिन जब था मैं गर्दिश मेंक्या ही मान रखा तब तुमने मेरी बेबस फरियादों कातुमने न सही पर मैंने ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा हरवंश हृदयThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें