ईश्वरीय शक्ति..
अस्ताचल का सूरज दूर सफ़र पर निकल चूका था! आसमान में फैली लालिमा आँखों से हौले-हौले ओझल हो रही थी और रात श्यामल चंद्रकला ओढ़ दबे पाँव आ रही थी! कॉलेज का वार्षिक उत्सव ख़त्म हो चूका था और सभी साथी घर...
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