कुण्डलिया छंद
विधा- कुंडलिया  छंदप्रदत्त चरण- दुनियादारी सीख लोदुनियादारी सीख लो, मानस को झकझोर।सदा तर्क की क्यों सुने, आतम थामो डोर।आतम थामो डोर, मनुज कर  नित प्रभु वंदन।धन्यवाद दे नित्य, स्मरण रख कर अभि...
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