गुरु वंदना!
गुरु पूर्णिमा पर 'भाव कुसुम' अर्पित है!मैं फुरसत के पलो में कबीरदास जी का दोहा पढ़ रही थी.. "गुरु गोविन्द दोनों खड़े, काके लागु पायबलिहारी गुरु आपने, गोविन्द दियो बताय"मैं आत्मनिरीक्षण क़र रही थी ...
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