प्राची...
प्राची ने बिखेरी सहस्त्र हाथों से लालिमा,हरी-भरी दुब पर बिखरी नवल अरुणिमा!पत्तों पर ओस-बुँदे बिखरी मोती-लड़ियाँ,स्फटिक सी चमक, खुशियों की कड़ियाँ!किरणों की छुअन से पुलकित कलियाँ,वसंत के चुम्बन से रोमांच...
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