शबाब बाग का
फोटो प्रतियोगिताखिला-खिला है फूल गुलाब का,महकता शबाब हो जैसे बाग का,पवन चहके, मन गुलजार हो जाये,देख रूबाब कोमल पंखुड़ियों का।।स्वरचित  मौलिक  रचनाचंचल जैन
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