GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyतितली!चित्र आधारित दोहा सृजन!इंद्रधनुषि हैं राजसी, तितली के सब रंग।फूल-फूल पर बैठती, गुन-गुन गाती संग।।कोमल सुन्दर पंख हैं, तितली आतुर आज।चुन पराग कण ओढ़ती, सपनों का मृदु साज।।डरता छूने को उसे, मेरा कोमल हाथ...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें