GET IT ONGoogle PlayDownload ONApp StoreSign Up!Loginmodifyशिशिर की रातें...शिशिर की रातों में, गुलकंद सी बातें,शशि की बाहों में, सुलगती मुलाकातें!प्रीतम की निगाहों में कैद षोडशी प्यारी,भूल-भुलैय्या संसार में,प्रीत की रीत न्यारी।दिल में मची है मधुर यादों की हलचल,शिकवे-शिकायते...LabelDirected by पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े द्वारा कुसुम सुराणाThe Critic’s Cornerइस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें