दो नाव पर रहे हरवंश हृदय
जरूरत पड़ी तो धूप नहीं तो छांव में रहे बेगैरत हैं वो लोग जो दो नाव में रहे हमने तो सौंप दी दिल की सल्तनत उन्हें अफसोस कि वो फिर भी चुनाव में रहे संबंधों की बुनियाद स्वार्थ पर रखकर शहरों...
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