ये प्यार ही तो ज़िन्दगी..भाग ६८
भाग ६८प्रताप सिंह शर्मा जी का यश एकलौता बेटा था। उनकी जो भी कुछ उम्मीदें थी यश से ही जुड़ी हुई थी। लक्ष्मी जी की कृपा उन पर अनवरत बरस रही थी। यश के अपाहिज होने के बाद भी वह परम पिता परमात्मा के ऋणी थे ...
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