गुरु!
गुरु बिन ज्ञान कहां से पाऊ?अज्ञान तिमिर कैसे हर जाऊ?गुरु बिन कहाँ मिले है रिद्धि?सुवर्ण तपा जगमगाए जो बुद्धि!मैं बालक मंदबुद्धि, अबोध, अज्ञानी,वेद-शास्त्र, धर्म-मर्म कछु न जानी! गीता, कुरान, बाइब...
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