शहीद की सुहागन!
शीर्षक : शहीद की सुहागन !रंग दो ननदी मेरी सुनी-सुनी हथेलियाँ!मेहंदी से लिख दो प्रीत की पहेलियाँ!टेसू के फूलों से रंग दो मेरी चुनरियाँ,फूलों की पंखुड़ियों से सज़ा दो गलियाँ!हल्दी-उबटन से, महका दो मेरा अं...
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