ज़िन्दगी!
शीर्षक : ज़िन्दगी! ज़िन्दगी तेरे ईश्क में, दीवाने हुएँ.... भूल जमाने का दस्तूर परवाने हुएँ! दर-दर भटकते रहे बेगाने से यारों, ठोकरें खा जमाने की, सयाने हुएँ! रिश्तों के भँवर म...
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