यशोदा छन्द
माँ शारदे को नमन! 🙏🙏यशोदा छन्द! जगण+गुरु+गुरु*4पलाश देखो, बुला रहा है।तपी धरा को, रिझा रहा है।खिले जहाँ में, सरोज नीले।मिले जहां भी, सुकून जी ले।शहीद ले लो, सलाम मेरा।सदा तुम्हें हो , प्रणाम मे...
पढ़ने के लिए लॉगिन/रजिस्टर करेंपढ़े