बाबूजी!
कितना फब रहा था बाबूजी के माथे पे लहरियां साफा! गेहुआं रंग, बड़े-बड़े लेंस वाली ऐनक, सिल्क की शेरवानी और झुर्रियों से पटे भाल पर कुंकुम तिलक, मानों किसी राजमहल में टंगी तस्वीर में उभरा राजसी चेहरा!जैस...
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