आओ, पेड लगाएं...

विश्व पर्यावरण दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं 

वन, जंगल, पर्वत, झरने, नदियां,
सहेजो वृक्ष, धरा, गगन ये वादियां,
सौख्य, आनंद-धन बरसाती प्रकृति,
परोपकारी सुखदा पुष्प क्यारियां।।

प्राकृतिक संसाधन हैं बहुतेरे
जीवन संरक्षक वे सब हैं हमारे,
अन्न, फल, फूल औषधी के खजाने, 
मत काटो पेड, वे मित्र तुम्हारे।।

संजीवनी है ये हमारे जीवन की,
शोभा, आभा हरियाली धरा की,
मत बिगाडो प्राकृतिक संतुलन,
क्रोधित न हो प्रकृति, मनीषा प्रीति की।।

पेड लगाओ, जल शुद्ध पावन रखो,
नील गगन की नीलाई शुद्धता परखो,
समझदारी से संभव होगा सुंदर कल,
सहेजना, धरती रूप सजाना सीखो।।

स्वरचित मौलिक रचना 
चंचल जैन
मुंबई,  महाराष्ट्र
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