हौसला हमसफ़र, हरफ़नमौला हमराह है,
दाँव पर दमखम है, दिलवालों की दौड़ है!
मैराथन मंज़िल यहाँ, प्रयास ही पर्याय है!
चुनौतियाँ चट्टान सी, हर साँस में संघर्ष है!
जिद है, जद्दोजहद है, जीत का जुनून है!
इल्म का इम्तिहान है, इरादों का इंतहा है!
उम्र का बन्धन कहाँ? जज़्बा बेमिसाल है!
गाँव की मिट्टी की सौंधी खुशबू, कमाल है!
साँस में विश्वास है, ज़िन्दगी की आस है,
मुश्किलों के दौर में भी जीत का प्रयास है!
भुजाओं में जोर है, रजनी में छुपी भोर है!
मैरेथान गर ज़िन्दगी, ज़िन्दगी सिरमौर है!
स्वरचित तथा मौलिक
कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई, महाराष्ट्र |