काश! अपुन का बाप भी......
पक्या! आज अपुन को बहुत ठगा-ठगा महसूस हो रहेला है! ये कब तक जेल की रोटियाँ तोड़ते रहेंगे रे बाबा?
काश! अपुन का बाप भी...... देश का नामी -गिरामी नेता होता ....अरे यार! जेल में डालने से पहले ही अफसर का तबादला हो जाता और --खुदा-न-ख़ास्ता ... जेल हो भी जाती तो काले कोट वालों का झुण्ड आ जाता हमें बचाने! xxx अपुन का तकदीर ही फडतूस! अपुन का बाप कड़का ..... केस भी खड़ा नहीं रहता कोर्ट में सालों साल .... यहीं सड़ रहे है बरसों से! बस! अपुन तो बस वो नेता लोग का राजनीति का मोहरा, प्यादा है! कभी धर्म के नाम पर, कभी दलित के नाम पर तो कभी अल्पसंख्यक के नाम पर छले जाते हैं .... छले जाते रहेंगे।
काश! अपुन का बाप भी...... देश का माना हुआ लेखक-अभिनेता होता....पुलिस के गिरेबान पर हाथ डालते ही अख़बारों के पन्ने खबरों की हेडलाइंस से पट जाते ..... जेल ले जाने को निकली जीप टर्न मारकर सूबे के डीजीपी के घर के बाहर रुक जाती और नेताजी को बैठे-ठाले सत्तारूढ़ पार्टी के विरोध के लिए मुद्दा मिल जाता ! न कोई चौकसी, न गिरफ्तारी !
काश! अपुन का बाप भी......देश का उच्च पदासीन नौकरशाह होता.... जेल तो क्या काली कोठड़ी में भी घर का बना खाना पहुँच जाता! चीन का मोबाइल और २४ घंटे नेटवर्क ... सरकारी खर्चे पर कैदियों के साथ प्रशिक्षण भी मिलता और दुश्मनों से सुरक्षा! न खाने-पिने की चिंता न कमाने का झंझट ! न मन की खींच-खींच न बाप की टिक-टिक!
स्वरचित तथा मौलिक,
कुसुम अशोक सुराणा
काश! अपुन का बाप भी......देश का मंत्री होता.... मैं ... जेल की सलाखों के पीछे पहुंच पाता ? ये काले कौव्वे काँव -काँव करते रहते और तारीख पे तारीख का खेला चलता रहता! न केस की सुनवाई न केस गवाहों की हाजारी! मजाल हैं की मंत्री जी के पूत के विरुद्ध केस का फैसला पीड़ित के जीते -जी आ जाएँ! आखिर ये कुर्सी की माया ही ऐसी है ! पल पल रंग बदलती दुनिया है यह सियासत की ! कभी भ्रष्टाचार में फंसाओ, कभी झूठे गवाहों के चक्रव्यूह में तो कभी परिवार जनों को धमकी देकर...'कौन है माई ' का लाल जो खड़ा रहेगा इन बाहुबलियों के विरुद्ध? पर फूटी किस्मत हमारी!
काश! अपुन का बाप भी......देश का प्रधानमंत्री होता..... मिल गयी होती न हमें भी खानदानी थाती के रूप में कुर्सी! और आप तो जानते ही हैं सत्ता सुंदरी के जलवे! लल्लू हो या मंदबुद्धि। .. पप्पू हो या चप्पू! कोई सवाल करें तो जानु ! बस! क्या चाहिए क्वालिफिकेशन? xxx अपुन के जैसा थोड़ा ही है! मां से सौ का नोट माँगा तो बाप का थप्पड़ नसीब हुआ और ऊपर से दस गालियां! काश! अपुन का बाप भी......देश का बाहुबली, रसूकदार, सेलिब्रिटी, दबंग होता..... तो क्या जेल में बिना गुनाह.. बिना कोई सुनवाई....xxx जेल में सालों साल सड़ रहा होता?