2 2919 2 2919 रोला छंद रोला छंदविषय : मौलिक सपने सुन्दर देख, मनुज तू अपने दम पर।लिख तू अपना लेख, कोशिशों के ही बल पर।।चलना है मनु नित्य, सफ़र रखना तू जारी।लक्ष्य भेद का ध्यास, पार्थ का पड़ता भारी।।स्वरचित तथा मौलिक,कुसुम अशोक सुराणा, मुम्बई। Label Directed by द्वारा कुसुम सुराणा Shared19 Nov 2025 Start 19 Nov 2025 End 19 Nov 2030 The Critic’s Corner इस पर लोग क्या कह रहे हैं टिप्पणी लिखें रोला छंद © टिप्पणी 400 characters remaining जमा करें रद्द करें