राखी के चार मुक्तक
बहना भाई के रिश्ते का तो आधार राखी है
रक्षा सूत्र से बंधा हुआ है प्यार राखी है
पर्व पूजा कोई त्यौहार भी न कहिए राखी को
बहन और भाई का ईश्वर को बस आभार राखी है

तू चंचलता है घर की और अभिमान है बहना
हमेशा से मेरा एक ही यही ऐलान है बहना
उदासी तेरे चेहरे पर कभी आने नहीं दूंगा
मेरी जान से बढ़कर तेरी मुस्कान है बहना

हर आधार बसता है तेरी राखी के धागे में
सारा प्यार बसता है तेरी राखी के धागे में
इससे बढ़कर न मेरी कोई भी सौगात दुनिया में
मेरा संसार बसता है तेरी राखी के धागे में

उंचा तेरी ख्वाबों का सदा परवाज रखूंगा
तेरे ही स्नेह को जीवन का अपने नाज रखूंगा
सलोनी राखी के त्यौहार पर है मेरा ये वादा
तेरी राखी के धागों का सदा मैं लाज रखूंगा



विक्रम कुमार
मनोरा, वैशाली

द्वारा Vikram Kumar
Shared05 Aug 2025
Start 05 Aug 2025
End 05 Aug 2030
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